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Hit and run case : यूं ही नहीं थमे पुरे देश में लाखों ट्रकों-बसों के पहिए, परेशान हुए आम लोग, अब होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी

Hit and run case : ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन का कहना है कि इस जुर्माना और सजा (Hit and run case) के खिलाफ ही उनका चक्का जाम शुरू हुआ है। इस चक्का जाम का असर दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों के राजमार्ग पर दिखाई दिया।

Hit and run case : पूरे देश में बसों और ट्रकों के चक्के नए साल के पहले दिन थम गए है। इसमें प्राइवेट बसों, ट्रकों से लेकर सरकारी महकमें की बसें भी शामिल रही। मामला यह रहा कि सोमवार को देश के ज्यादातर राज्यों के हाईवेज पर न सिर्फ ट्रक और प्राइवेट बस बल्कि सरकारी बसों के चक्के भी इस हड़ताल में पूरी तरह से थम गए। नतीजा देश के अलग-अलग राज्यों में सफर करने वाले आम लोगो और यात्रियों को भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर हड़ताल के चलते कई जगहों पर भारी जाम का सामना करना पड़ा। जिसके चलते इन रास्तों से आने जाने वाले आम लोगों को भी खूब परेशानियां हुई। ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन का कहना है ड्राइविंग के दौरान हुई दुर्घटना के लिए बनाया गया नया कानून Hit and run case अगर नहीं बदला जाएगा तो यह स्ट्राइक अनिश्चितकालीन के लिए आगे बढ़ा दी जाएगी।

Hit and run case : ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन समेत अलग-अलग ड्राइवर संगठन के लोगों ने 1 जनवरी से 3 जनवरी तक का ‘स्टेरिंग छोड़ो’ के नाम से चक्का जाम शुरू कर दिया है। संगठन के अध्यक्ष सोनू यादव कहते हैं कि आपराधिक कानूनों में किए गए बदलाव के कारण Hit and run case में भी सजा बढ़ा दी गई है। जिसके चलते देश भर में ट्रक और बस चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया है। सजा की अवधि बढ़ाए जाने के खिलाफ बस और ट्रक ड्राइवरों के साथ-साथ ऑटो चालकों ने भी विरोध प्रर्दशन किया है।

उन्होंने कहा कि Hit and run case में नए कानून के तहत फरार और घातक दुर्घटना की सूचना नहीं देने पर ड्राइवरों को अब दो साल की जगह 10 साल तक की जेल हो सकती है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर रोजाना लाखों की संख्या में ट्रक ड्राइवर चलते हैं और कई दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं में अक्सर ट्रक ड्राइवर अपनी जान बचाकर निकलता है। भले ही गलती ट्रक ड्राइवर की हो या ना हो। क्योकि अगर ड्राइवर वहां पर रुक जाए तो मौजूद भीड़ उसकी हत्या भी कर सकती है। अब नए कानून Hit and run case में अगर वह ड्राइवर भाग जाता है तो उसको 2 साल की जगह पर 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा।

Hit and run case : ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन का कहना है कि इस Hit and run case के खिलाफ ही उनका चक्का जाम शुरू हुआ है। इस चक्का जाम का असर दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों के राजमार्ग पर दिखा। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी महासंघ के प्रमोद बताते हैं कि प्रदेश के ज्यादातर बस अड्डों से सरकारी बसें भी एक जनवरी को नहीं चली, क्योंकि बस के ड्राइवर इस हड़ताल में भाग लेकर कानून को बदलने की मांग कर रहे हैं।

Hit and run case : के चलते पुरे देश में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी बसे खड़ी  ही रही। अगर यह हड़ताल आगे बढ़ती है तो लाखों यात्रियों को इस ठंढ के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रक और बस ड्राइवर संगठन कहते हैं कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन के लिए आगे भी बढ़ जाएगी।

Hit and run case : ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन के अध्यक्ष सोनू यादव का कहना है कि जब तक Hit and run case कानून में बदलाव नहीं किया जाएगा तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। वह कहते हैं कि उनके साथ सिर्फ ट्रक और बसों के ड्राइवर ही नहीं बल्कि सरकारी संगठन से जुड़े सभी वाहन चालक भी शामिल हो गए हैं। संगठन ने पूरे देश में ओला उबर और अन्य प्राइवेट वाहन चालकों को भी इस हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। यह हड़ताल अभी 3 जनवरी तक चलनी है।

संगठन के मुताबिक, फिलहाल पहले दिन पूरे देश में जिस तरीके की हड़ताल का व्यापक असर हुआ है इसलिए केंद्र सरकार उनकी मांग जरूर सुनेगी। वह कहते हैं अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में संगठन और बड़े स्तर की रणनीति बनाकर पूरे देश में इस हड़ताल को आगे बढ़ाएंगे।

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